अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह (Andaman and Nicobar Islands) की राजधानी श्री विजय पुरम से लगभग 138 किलोमीटर Northeast में, अंडमान सागर की नीली गोद में छिपा है एक रहस्यमयी और ख़तरनाक द्वीप नाम है बैरन आइलैंड (Barren Island)। ये वही जगह है जिसे दक्षिण एशिया का इकलौता एक्टिव ज्वालामुखी (Active Volcano) कहा जाता है। हालांकि इसका नाम ‘बैरन’ (बंजर) है, लेकिन इसकी रूह आग से तर है।

बैरन आइलैंड: किसी दूसरी दुनिया में जानें जैसा
बैरन आइलैंड को देखना मानो किसी दूसरी दुनिया में जाना है। जहां दूर-दूर तक फैला हुआ गहरा नीला समुद्र है, वहीं इस द्वीप का काला और बंजर चेहरा दिल को हौरान कर देता है। हालांकि ऊपर से ये सूनसान लगता है, पर इसके पानी के नीचे का संसार बेहद जीवंत है। ज्वालामुखी से निकले मिनरल्स (Volcanic Minerals) ने यहां की Coral Reefs (मूंगे की चट्टानों) को इतना Nurtured किया है कि ये दुनिया भर के डाइवर्स (गोताखोरों) के लिए जन्नत से कम नहीं।
राख और पत्थरों का साम्राज्य
जब आप इस द्वीप के बारे में सोचते हैं, तो एक ऐसी ज़मीन की तस्वीर उभरती है जहां न कोई बस्ती है, न हरियाली, बल्कि हर तरफ राख (Ash) और पत्थरों का साम्राज्य है। ये द्वीप करीब 3 किलोमीटर में फैला है, और इसके बीचों-बीच 335 मीटर ऊंचा एक शंक्वाकार ज्वालामुखी (Volcanic Cone) गर्जना करता है। 2017 में इसने अपना आख़िरी विस्फोट किया था। इसके अंदर का क्रेटर (Crater) करीब 1.5 किलोमीटर चौड़ा है, जो मानो धरती का एक बड़ा-सा घाव हो। दिलचस्प बात ये है कि 1789 के एक पुराने नक्शे में यह Cone छोटा था, लेकिन बार-बार होते विस्फोटों ने इसे बड़ा कर दिया है। इसके अलावा, समुद्र की गहराई यहां 2200 मीटर है, यानी इस ज्वालामुखी का 95 फीसदी हिस्सा पानी के अंदर छिपा हुआ है, ये हिमशैल (Iceberg) से भी ज्यादा ख़तरनाक है।

Living Laboratory है बैरन आइलैंड
वैज्ञानिकों की नज़र में ये जगह एक ‘जीवित प्रयोगशाला’ (Living Laboratory) है। लाखों सालों से एक्टिव ये ज्वालामुखी जलवायु परिवर्तन और भूगर्भीय हलचलों की स्टडी करने के लिए अनमोल डेटा मुहैया कराता है। ये हमें बताता है कि धरती के अंदर अब भी कितना ताप और ताकत मौजूद है।
अगर आप Adventurous हैं, तो आप हेवलॉक द्वीप से बोट टूर (Boat Tour) का सहारा ले सकते हैं। ये सफ़र करीब 3 घंटे का होता है और सिर्फ दिसंबर से मार्च के बीच ही संभव है। क्योंकि बाकी महीनों में यहां भयंकर तूफान आते हैं। यहां उतरने की इजाजत नहीं है, लेकिन आप दूर से ज्वालामुखी के धुएं (Smoke) और लावा (Lava) के मंजर को निहार सकते हैं। सबसे रोमांचक हिस्सा है यहां स्कूबा डाइविंग (Scuba Diving)। जहां आप ज्वालामुखी की तलहटी में बनी मूंगे की बागों के बीच रंग-बिरंगी मछलियां, समुद्री कछुए और शायद ही कभी मंटा रे (Manta Rays) देख सकते हैं।

सफेद चमकती रेत, हरे-भरे जंगल
हालांकि बैरन आइलैंड पर कोई नहीं रहता, लेकिन इसके आसपास का अंडमान क्षेत्र यानी हेवलॉक और नील द्वीप, अपनी सफेद रेत, हरे-भरे जंगलों और खाने-पीने की बेहतरीन सुविधाओं के लिए मशहूर हैं। आप श्री विजय पुरम शहर में सेल्यूलर जेल (Cellular Jail) देख सकते हैं, जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कहानी बयान करती है।
तो ये है बैरन आइलैंड जो दिखने में बंजर, पर हकीकत में प्रकृति की ताकत का सबसे बड़ा सबूत है। ये जगह उन लोगों के लिए है जो दिल में जोश रखते हैं, क्योंकि यह दरअसल अंडमान सागर का धधकता हुआ दिल है। फिर चाहे यहां की बंजर ज़मीन हो या अंदर बहता लावा, ये द्वीप हर उस इंसान को अपनी तरफ बुलाता है जो कुदरत की असली सुंदरता और खौफ को करीब से महसूस करना चाहता है।

इसे देखना एक बार नहीं, बल्कि लाइफटाइम की याद होगी बशर्ते आपमें हिम्मत हो, क्योंकि ये आम सैलानियों के लिए नहीं, बल्कि बहादुर और जिज्ञासु रूह के लिए बना है।
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