Monday, August 31, 2026
32 C
Delhi

माह-ए-रमज़ान:एक रुहानी महीना

2023 में 22 या 23 मार्च को माहे-रमज़ान शुरू होने की उम्मीद है। इस महीने को इस्लाम धर्म का बहुत ही रुहानी और पाकीजा महीना माना जाता है। इस महीने में मुस्लिम भाई-बहन रोजा रखकर शरीर और आत्मा की शुद्धि करते हैं। इस तरह हिंदू, ईसाई, जैन और बौद्ध धर्म में भी रोजा यानी उपवास की स्थापित परंपराएं मौजूद हैं।

रमज़ान के पवित्र महीने में दुनिया भर में लाखों मुस्लिम भाई रोजा रखते हैं। ये 12-14 घंटे भोजन न करने और पानी न पीने के लिए अत्यधिक आत्म-नियंत्रण करते हैं। अधिकतर लोग उनके उपवास के लाभों से अनजान हैं, लेकिन इसमें शारीरिक, आध्यात्मिक, मनोवैज्ञानिक और वैज्ञानिक लाभ होते हैं। मुस्लिम स्वास्थ्य पेशेवर इसे सुझाव देते हैं। इसके अलावा, रमज़ान गरीब और जरूरतमंद लोगों के साथ सहानुभूति बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: हमारे अमरोहा के कमाल अमरोही

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

इफ़्तिख़ार आरिफ़: शायरी में हिजरत, मोहब्बत और रूहानियत की दास्तान

उर्दू शायरी में कुछ आवाज़ें ऐसी होती हैं जो...

Topics

राबिया बसरी: मोहब्बत-ए-इलाही की पहली सूफ़ी शायरा 

तसव्वुफ़ की तारीख़ में अगर किसी एक नाम को...

बेग़म अख़्तर का शायर

श्रीनगर में अप्रैल 1969 की एक दोपहर जब बरसात...

जमीलुद्दीन आली: दोहों से उर्दू अदब को नया रंग देने वाले शायर

उर्दू अदब की दुनिया में कुछ शायर ऐसे गुज़रे...

Related Articles

Popular Categories