Sunday, August 2, 2026
31.6 C
Delhi

Aadi Mahotsav: ‘आदिवासी समाज का हित मेरे लिए व्यक्तिगत रिश्तों और भावनाओं का विषय’, आदि महोत्सव में बोले पीएम

Aadi Mahotsav: ‘आदि महोत्सव’ का आयोजन 16 से 27 फरवरी तक दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में किया जा रहा है। कार्यक्रम में 200 स्टॉल के माध्यम से देशभर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध और विविधतापूर्ण धरोहर को प्रदर्शित किया जा रहा है। महोत्सव में लगभग एक हजार जनजातीय शिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के मेजर ध्यान चंद राष्ट्रीय स्टेडियम में ‘आदि महोत्सव‘ का उद्घाटन कर दिया। इस मौके पर जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा उनके साथ रहे। पीएम मोदी ने यहां स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता बिरसा मुंडा को श्रद्दांजलि दी। इस कार्यक्रम में जनजातीय संस्कृति, शिल्प, खान-पान, वाणिज्य और पारंपरिक कला को प्रदर्शित किया जा रहा है। जनजातीय समुदायों की ओर से उपजाए जाने वाले श्री अन्न, इस कार्यक्रम का केंद्र बिंदु रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपना संबोधन भी दिया। अपने संबोधन में  पीएम मोदी ने आदिवासी समाज के विरासत से लेकर विकास पर चर्चा की।

इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए अमर उजाला पर जाएं।

ये भी पढे : बरेली की ‘सब की रसोई’ में मिलता है सिर्फ़ 10 रुपए में पेटभर खाना

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

Indian Squash: Anahat Singh ने वो कर दिखाया, जिसका भारत 21 साल से इंतज़ार कर रहा था

कई बार किसी खिलाड़ी की जीत सिर्फ़ एक मैच...

ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां: सादा अल्फ़ाज़ में गहरी कैफ़ियत के शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां 'बयां'...

Pithora Painting: जब दीवारों पर रंगों के साथ उतरती है आस्था और पुरखों की कहानी

किसी कला की असल ख़ूबसूरती सिर्फ़ रंगों में नहीं,...

Topics

ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां: सादा अल्फ़ाज़ में गहरी कैफ़ियत के शायर

उर्दू अदब की तारीख़ में ख़्वाजा एहसानुल्लाह ख़ां 'बयां'...

Pithora Painting: जब दीवारों पर रंगों के साथ उतरती है आस्था और पुरखों की कहानी

किसी कला की असल ख़ूबसूरती सिर्फ़ रंगों में नहीं,...

दर्द काकोरवी: इश्क़-ए-हक़ीक़ी और सूफ़ियाना शायरी के फ़नकार

उर्दू अदब की तारीख़ में कई ऐसे शायर गुज़रे...

किताबों से प्यार करने वाले एक अनपढ़ सम्राट की दास्तान

दुनिया का पहला छापाखाना 1440 में जर्मनी के एक...

Related Articles

Popular Categories