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Pratap Somvanshi की लिखी ‘लोई: चलै कबीरा साथ’ अब Urdu में भी

प्रताप सोमवंशी का लिखा नाटक संग्रह ‘लोई: चलै कबीरा साथ’ (Chalai Kabira Saath) हिंदी ज़बान में मक़बूलियत हासिल कर चुका है। यही वजह है कि प्रताप सोमवंशी ने इस नाटक को अब उर्दू भाषा में भी पेश किया है। आलमी उर्दू ट्रस्ट के ज़ेर-ए-एहतिमाम इवान गालिब में ‘लोई’ का तक़रीब ईजरा हुआ, जिसमें उर्दू और हिंदी साहित्य से जुड़ी मशहूर हस्तियां मौजूद रहीं। देखिए लोई के उर्दू अनुवाद को लेकर प्रताप सोमवंशी और अब्दुल रहमान से ख़ास बातचीत।

Pratap Somvanshi’s play collection ‘Loi: Chalai Kabira Saath’ has gained acceptance in the Hindi language. This is the reason that Pratap Somvanshi has now presented this play in the Urdu language as well. In the Zer-e-Ehtimam Ivan Ghalib of Alami Urdu Trust, ‘Loi’ was celebrated, in which famous personalities related to Urdu and Hindi literature were present. Watch a special conversation with Pratap Somvanshi and Abdul Rehman on Loi’s Urdu translation.

ये भी पढ़ें: हरियाणा के नूंह ज़िले में कौमी एकता की ख़ूबसूरत बानगी

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