Wednesday, July 8, 2026
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Tag: IndianHistory

गुलाबी उर्दू, 5 हवाई जहाज़ और चार बेगमों का शहर, भोपाल की वो कहानी जो शायद आपने कभी नहीं सुनी

भारत में कई शहर अपनी अलग पहचान रखते हैं। कोई अपनी इमारतों के लिए मशहूर है, कोई अपने खानपान...

700 साल पुरानी रामचरितमानस और दरगाह से मिली 300 साल पुरानी पांडुलिपियां

भारत की पहचान सिर्फ़ उसके किले, मंदिर और ऐतिहासिक इमारतों से नहीं है। हमारी सबसे बड़ी धरोहर उन हस्तलिखित...

गुरु अमर दास जी: वो सिख गुरु जिन्होंने बराबरी का संदेश देकर जाती व्यवस्था की दीवारें तोड़ीं

गुरु अमर दास जी की पैदाइश 1479 में पंजाब के अमृतसर ज़िले के बासरके गांव में तेज भान और...

सिख धर्म में Kirpan (कृपाण) की अहमियत और उसका इतिहास

सिख धर्म में हथियारों की पूजा करना और उन्हें अपने साथ रखना सदियों पुरानी रिवायत का हिस्सा रहा है।...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार साहिब की तरफ जाता है, शहर के सबसे पुराने और...

Begums of Bhopal ने ऐसा क्या किया कि 150 साल पुराना इतिहास फिर चर्चा में आ गया?

भोपाल को यूं ही “बेगमों का शहर” नहीं कहा जाता। इस शहर की फिज़ाओं में आज भी तहज़ीब, अपनापन...

Hemkund Sahib की खोज: एक अनोखी दास्तान

हिमालय की बुलंद पहाड़ियों के बीच एक ऐसी झील मौजूद है, जिसका ज़िक्र आज से क़रीब तीन सौ साल...

Baba Budha जी: वो सिख जिन्होंने आठ जीवित गुरुओं की सेवा की

पंद्रहवीं सदी के आख़िर में अमृतसर के पास एक गांव में भैंसें चराने वाला एक बच्चा ऐसा सवाल पूछ...

मानसखंड और केदारखंड से लेकर Uttarakhand तक, देवभूमि की वो कहानी, जहां हर पहाड़ में बसता है सदियों पुराना इतिहास

भारत के कई शहरों और राज्यों के नाम वक़्त के साथ बदलते रहे हैं, लेकिन उनके पुराने नाम आज...

Bhai Vir Singh Museum: पंजाबी साहित्य, सिखी और संस्कृति का ज़िंदा इतिहास

अमृतसर की रौनक भरी सड़कों, भीड़-भाड़, बाज़ारों और मॉडर्न ज़िंदगी के शोर के बीच एक ऐसी जगह भी मौजूद...

1710 में Banda Singh Bahadur (बंदा सिंह बहादुर) ने कैसे फ़तह किया सरहिंद?

12 मई 1710 को सिख जांबाज़ों की एक छोटी-सी टोली सरहिंद के क़रीब छप्पर चिरी के मैदान में पहुंची।...

Kohinoor (कोहिनूर) और सिख साम्राज्य का अंत! महाराजा दलीप सिंह और अंग्रेज़ों की लूट की कहानी

लाहौर किले का वो काला दिन, जब लूटा गया ‘Kohinoor (कोहिनूर)’ तारीख़ थी 29 मार्च 1849, लाहौर के ऐतिहासिक किले...