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श्रीनगर के Prof. Danish Ahmed: जिनकी सोच और इनोवेशन से बदल रही है आम लोगों की ज़िंदगी

श्रीनगर के रहने वाले Prof. Danish Ahmed का मक़सद सिर्फ़ पढ़ाना नहीं, बल्कि नए आइडियाज़ और आसान तकनीक के ज़रिए लोगों की ज़िंदगी को बेहतर बनाना है। वो NIT श्रीनगर में बतौर एसोसिएट प्रोफ़ेसर काम कर रहे हैं। Prof. Danish Ahmed एजुकेशन और इनोवेशन की दुनिया में जानी मनी हस्ती हैं। अब तक उन्होंने 25 से ज़्यादा नए इनोवेशन किए हैं और 6 से 7 पेटेंट भी हासिल किए हैं। उनका ख़ास ध्यान उन लोगों की मदद करने पर है जो कम सुविधाओं वाले इलाक़ों में रहते हैं। उनके बनाए हुए इनेवेशन सस्ते, आसान और असरदार हैं ताकि आम आदमी भी उन्हें आसानी से इस्तेमाल कर सके।

बचपन का शौक़ जो बन गया पहचान

Prof. Danish Ahmed को बचपन से ही तकनीक में दिलचस्पी थी। उनका मानना है कि ये कुछ हद तक उनके परिवार से भी आया, क्योंकि उनके पिता को भी मशीन और इलेक्ट्रॉनिक चीज़ों में रुचि थी। छोटे बच्चे की तरह खेल-खेल में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उपकरणों के साथ काम करना शुरू किया। लेकिन ये सिर्फ़ खेल नहीं था। हर चीज़ को खोलकर देखना, उसे जोड़ना और काम कराना उनके लिए सीखने का तरीका था। धीरे-धीरे ये शौक़ उनका जुनून बन गया। उन्होंने अपने घर में एक छोटा वर्कशॉप बनाया और छोटी-छोटी चीज़ें बनाने लगे।

25 नए इनोवेशनस, कई पेटेंट्स के साथ

जैसे-जैसे उनका एक्सीपीरियंस बढ़ा, उन्होंने सोचा कि अब सिर्फ़ मज़े के लिए नहीं, बल्कि लोगों के लिए मददगार चीज़ें बनानी चाहिए। उन्होंने अपने घर में सभी ज़रूरी उपकरण रखे और किसी भी नए आइडिया को पहले वहां आज़माया। जब वो आइडिया काम करता और उपयोगी होता है, तभी उसका पेटेंट और ज़रूरी कागज़ात पूरे किए जाते। अब तक उनके लगभग 25 इनोवेशनस पर काम हो चुका है। उनमें से 6–7 को पेटेंट मिल चुका है। बाकी के पेपर्स और आइडियाज़ ऑनलाइन उपलब्ध हैं ताकि कोई भी उनके ज़रिए सीख सके।

आसान तकनीक, बड़ा असर

Prof. Danish का मानना है कि बड़ी या मुश्किल तकनीक से ज़्यादा ज़रूरी है सस्ती और आसान तकनीक। उनका मक़सद है कि उनके बनाए हुए उपकरण आम आदमी तक आसानी से पहुंचे। इसलिए वो ऐसे आइडियाज़ चुनते हैं जो कम पैसे में बन सकें और लोगों के लिए काम के हों। उदाहरण के लिए, उन्होंने सोलर एनर्जी से चलने वाले कई उपकरण बनाए हैं। इनमें शामिल हैं “सोलर वॉटर कूलर” जो सूरज की रोशनी से पानी को ठंडा करता है।

ख़ासतौर पर उन इलाक़ों में मददगार जहां बिजली नहीं होती। दूसरा “सोलर वॉटर प्यूरीफायर” ये बिना बिजली के पानी साफ करता है और पीने योग्य बनाता है। तीसरा “पोर्टेबल सोलर हीटर” जो कैम्पिंग या बाहर सफ़र के लिए उपयोगी है। इसे आसानी से बैग में रखा जा सकता है। इसके अल्वा “माइक्रोवेव सेंसर आधारित भूकंप अलार्म” ये छोटे झटकों का पता लगाता है और पहले ही अलार्म बजा देता है। उनका मानना है कि तकनीक सिर्फ़ अमीर या बड़ी कंपनियों के लिए नहीं होनी चाहिए।

थ्योरी और प्रैक्टिकल का सही बैलेंस

Prof. Danish Ahmed हमेशा कहते हैं कि सिर्फ़ किताबी ज्ञान काफी नहीं है। अगर आपके पास सिर्फ़ थ्योरी है और आप प्रयोग नहीं करते, तो आप कुछ नया नहीं बना पाएंगे। उनका तरीका है कि पहले स्टूडेंट्स बेसिक साइंस और तकनीक को अच्छे से समझें, उसके बाद ही उन्हें प्रयोग करने दिया जाए। उनका मानना है कि जब दिमाग तैयार हो जाएगा, तभी कोई नया और उपयोगी आइडिया जन्म ले सकता है। वो कहते हैं कि चाहे आप मैथ्स, साइंस या तकनीक पढ़ रहे हों, थ्योरी ज़रूरी है, क्योंकि वही आपके दिमाग को मज़बूत बनाती है। थ्योरी के बिना कोई भी नया आइडिया सफल नहीं हो सकता।

Prof. Danish हमेशा अपने स्टूडेंट्स को कहते हैं कि सिर्फ़ किताब पढ़ने तक सीमित मत रहो। इनोवेशन या नए आइडियाज़ तब आते हैं जब मन में रुचि और हौसला हो। किसी से ज़बरदस्ती इनोवेशन नहीं कराया जा सकता। वो स्टूडेंट्स को सलाह देते हैं कि छोटे-छोटे प्रयोग घर या लैब में करें। छोटे प्रयोग ही भविष्य में बड़े इनोवेशन का आधार बनते हैं।

किताबों में छिपा एक्सपीरियंस का खज़ाना

Prof. Danish Ahmed ने अपने एक्सपीरियंस पर आधारित कई किताबें भी लिखी हैं। ये किताबें उन लोगों के लिए गाइडएंस हैं जो इनोवेशन में रुचि रखते हैं। किताब “Innovative Mindset” बताती है कि नए आइडियाज़ कैसे आते हैं और इनोवेटर का दिमाग कैसे काम करता है। किताब Solar Energy Utilization” इसमें सोलर एनर्जी का सही इस्तेमाल की जानकारी दी गई है। “Water Quality Testing and Treatment” किताब में पानी की गुणवत्ता जांचने और सुधारने के तरीकों का ज़िक्र है। Basic Guide for Innovators किताब में नए आइडियाज़ के लिए ज़रूरी उपकरण और प्रयोग के बारे में बताया गया है। इन किताबों को पढ़कर इनोवेशन फील्ड में शुरुआत करना आसान हो जाता है।

सफलता का असली फ़ॉर्मूला

Prof. Danish Ahmed कहते हैं कि हर इंसान में नए आइडियाज़ लाने की क्षमता होती है। बस उसे सही दिशा, अवसर और हौसला चाहिए। अगर किसी को मज़ा या लगन नहीं होगी, तो इनोवेशन नवाचार सफल नहीं हो सकता। वो हमेशा कहते हैं कि छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं। प्रो. दानिश अहमद की कहानी में इनोवेशन सिर्फ़ बड़ी तकनीक तक सीमित नहीं है। छोटे और आसान उपकरण भी लोगों की ज़िंदगी बदल सकते हैं।

ये भी पढ़ें: श्रीनगर में चार दोस्तों ने शुरू किया Royal Horse Cart

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