Sunday, July 5, 2026
40.7 C
Delhi

नाज़िया ख़ान: एक डॉक्टर जिसकी कलम में है नश्तर जैसी तेजी

नाज़िया ख़ान आज उन बेहतरीन महिला रचनाकारों में से ऐसा नाम है जो फिक्शन के साथ नॉन फिक्शन भी कमाल का लिखती है। सोशल मीडिया पर नाज़िया जब एक पोस्ट लिखती है तो वह मौजूदा पीढ़ी को एक संदेश दे रही होती है। 

नाज़िया ने आवाद द वॉयज को बताया कि “बचपन से पढ़ना मेरी आदत नहीं मेरा पैशन रहा है। मैंने लिखना बचपन से ही शुरू कर दिया था। मेरा लिखा हुआ बाल पत्रिकाओं और अख़बारों में प्रकाशित भी होता था। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान लिखना कम हो गया। मेडिकल की पढ़ाई के दौरान लिखना कम हो गया। 2013 में नाज़िया ख़ान ने शासकीय मेडिकल ऑफिसर की अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया कारण था अपने नवजात बेटे और दो साल की बेटी की देखभाल करना। नौकरी और बच्चों की देखभाल करना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। लेकिन इस परेशानी से उन्हें लेखन का विषय मिला। 

इस दौरान नाज़िया ख़ान ने गर्भावस्था और शिशु देखभाल, परवरिश सीखने सिखाने के रोमांचक यात्रा पर दो किताबें लिखी। इसके बाद उन्होंने गंभीरता से साहित्य पढ़ना शुरू किया और खासतौर पर विश्व साहित्य को समझा। 

नाज़िया जोर देती है, “पेरेंटिंग ऐसा विषय है, जिसे सीखने की ज़रूरत है, ऐसा हम मानते ही नहीं। शादी हुई है तो बच्चे होंगे ही। हुए हैं तो बड़े हो ही जाएंगे, हमारे पेरेंट्स ने कौनसा कोर्स किया था या किताब पढ़ी थी, यही सोच है लोगों की। इसलिये इन विषयों पर लिखना मुझे ज़रूरी लगता है।

चिकित्सा और लेखन के साथ-साथ नाज़िया ख़ान समाजसेवा में भी सक्रिय हैं और स्माइलिंग हार्ट्स नाम के स्वयंसेवी संगठन की सचिव हैं। वह बताती हैं, “हमलोग शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवाएं देते हैं।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

दुष्यंत कुमार: जिसने ग़ज़ल को आम आदमी की आवाज़ बना दिया

"मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,हो...

700 साल पुरानी रामचरितमानस और दरगाह से मिली 300 साल पुरानी पांडुलिपियां

भारत की पहचान सिर्फ़ उसके किले, मंदिर और ऐतिहासिक...

पंजाब का Mini Goa, ख़ूबसूरत नज़ारे और एडवेंचर एक साथ

पंजाब को लोग उसकी ज़िंदादिली, खेती और स्वादिष्ट खाने...

Narayanpur Budruk: मंदिर, मस्जिद, हरियाली और विकास, एक गांव की ऐसी कहानी जो दिल छू जाए

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में बसा Narayanpur Budruk (नारायणपुर...

Topics

दुष्यंत कुमार: जिसने ग़ज़ल को आम आदमी की आवाज़ बना दिया

"मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,हो...

700 साल पुरानी रामचरितमानस और दरगाह से मिली 300 साल पुरानी पांडुलिपियां

भारत की पहचान सिर्फ़ उसके किले, मंदिर और ऐतिहासिक...

पंजाब का Mini Goa, ख़ूबसूरत नज़ारे और एडवेंचर एक साथ

पंजाब को लोग उसकी ज़िंदादिली, खेती और स्वादिष्ट खाने...

Narayanpur Budruk: मंदिर, मस्जिद, हरियाली और विकास, एक गांव की ऐसी कहानी जो दिल छू जाए

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में बसा Narayanpur Budruk (नारायणपुर...

महान तपस्वी बाबा जवंद सिंह जी की जीवन कहानी!

गुरु नानक पातशाह के सर्वोच्च सिद्धांत “काम करो, नाम...

Related Articles

Popular Categories