Monday, January 26, 2026
20.1 C
Delhi

बच्चों को उर्दू पढ़ाने की ज़रूरत, उर्दू साहित्य पर पूरी दुनिया की नज़र

उर्दू साहित्य में कई ऐसे बड़े नाम है, जिन्होंने अपनी लेखनी का लोहा मनवाया है। हाल ही में ‘द पैराडाइस ऑफ़ फूड’ नॉवेल को जेसीबी अवॉर्ड फ़ॉर लिटरेचर-2022 से सम्मानित किया गया। ये उपन्यास ‘नेमतखाना’ का अंग्रेज़ी अनुवाद है। ‘नेमतखाना’ को लिखा है जामिया मिल्लिया इस्लामिया के उर्दू विभाग के शिक्षक प्रो. खालिद जावेद ने।

प्रो. खालिद जावेद ने अपनी किताब ‘नेमतखाना’ में बच्चों को उर्दू पढ़ाने की अहमियत के बारे में बताया है। उन्होंने उर्दू भाषा को अपनी विशेषताओं के कारण उत्कृष्ट माना है। उर्दू भाषा की सबसे अधिक विशेषता यह है कि यह एक समृद्ध भाषा है जो कई भाषाओं के शब्दों, व्यंजनों और वाक्यांशों को शामिल करती है। उर्दू भाषा उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होती है जो इसे नहीं बोलते हैं, क्योंकि यह एक भाषा है जो विभिन्न संस्कृतियों के बीच संबंध बनाने में मदद करती है।

उर्दू भाषा को सीखने से बच्चों के विचार विस्तारित होते हैं और वे अपनी सोच को एक नए स्तर तक ले जाते हैं। इसके साथ ही, उर्दू भाषा की सीख से बच्चों की भाषा और साहित्य के प्रति रुचि भी बढ़ती है। इससे उन्हें अपनी संस्कृति और अपने देश के साथ गहरी जुड़ाव महसूस होता है।

इसलिए, प्रो. खालिद जावेद ने बच्चों को उर्दू पढ़ाने की जरूरत को बताया है। इस खबर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: हमारे अमरोहा के कमाल अमरोही

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Viksit Bharat: पंचर की दुकान से भारत मंडपम तक – झारखंड के चंदन का सफ़र

एक आम परिवार से निकलकर देश के सबसे बड़े...

Topics

शबनम बशीर(Shabnam Bashir): वो रहनुमा जिसने कश्मीर की अनदेखी राहों को दुनिया से रूबरू कराया

जम्मू-कश्मीर का बांदीपुरा, जहां हरमुख पर्वत की बुलंद चोटियां...

जम्मू और कश्मीर-नशीले पदार्थों का ख़तरा

जम्मू और कश्मीर (Jammu & Kashmir) में हाल के वर्षों में ड्रग्स (Narco-Terrorism) के इस्तेमाल में तेज़ी से इज़ाफा देखा गया है। साल 2026 के पहले हफ्ते के दौरान, केंद्र शासित प्रदेश (UT) में नशीले पदार्थों से संबंधित कई गिरफ्तारियां और बरामदगी दर्ज की गईं

Sunil Jaglan: एक पिता ने बदल दी सोच: Selfie with Daughter से गालीबंद घर तक की Journey

हरियाणा जैसे राज्य में जहां खाप पंचायतों (Khap Panchayats) में महिलाओं की भागीदारी न के बराबर थी, सुनील जी ने बदलाव की शुरुआत की। उन्होंने ‘लाडो पंचायत’ (Lado Panchayat) की शुरुआत की, जहां लड़कियां खुद अपने हकों की बात करती हैं।

Related Articles

Popular Categories