Saturday, June 6, 2026
35.2 C
Delhi

असम का ‘होजई’ कैसे बना दूसरा कोटा

असम में नागांव और दिमा हसाओ के बीच मैदानी इलाके में बसा इत्र शहर ‘होजई’ कभी अगरवुड के व्यापारिक केंद्र के रूप में जाना जाता था। आज तस्वीर बदल गई है NEET, सीईई, सिविल सेवा परीक्षा के इच्छुक छात्रों के लिए, यह भारत का कोटा बन गया है। जिसे बनाया अजमल भाईयों ने। अलग-अलग राज्यों से छात्र प्रतियोगिता परीक्षाओं में पास होने और खुद को तैयार करने के लिए होजई आते है।

जब आवाज-द वॉयस की टीम ने होजई की यात्रा की, तो देखा कि लगभग हर युवा अपने मन में बड़ी उम्मीदें लिए यहां गुवाहाटी या कोलकाता से आते है। अजमल फाउंडेशन असम के इत्र कारोबारी परिवार अजमल द्वारा संचालित एक धर्मार्थ संगठन, जिसमें धुबरी लोकसभा सांसद मौलाना बदरूद्दीन अजमल और उनके भाई सिराजुद्दीन अजमल शामिल है।

होजई में अजमल फाउंडेशन के शिक्षा साम्राज्य में न केवल अजमल सुपर 40 नामक एक जूनियर कॉलेज और कोचिंग संस्थान शामिल है, जो प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं को क्रैक करने में सबसे सफल संस्थानों में से एक है, बल्कि पूरे होजई जिले में अजमल आवासीय विद्यालय, मरियम अजमल महिला कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, नजीर अजमल कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अजमल लॉ कॉलेज, अजमल आईएएस अकादमी और अन्य भी शामिल है।

इस ख़बर को पूरा पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं।

ये भी पढ़ें: ‘तहकीक-ए-हिंद’: उज़्बेकिस्तान में जन्मे अल-बीरूनी का हिंदुस्तान की सरज़मीं से ख़ास रिश्ता

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

Topics

मोहम्मद अली, द ग्रेटेस्ट

1964 में बाईस साल के काले मोहम्मद अली ने...

भीड़-भाड़ वाले बाज़ार के कोने में ज्ञान का खज़ाना — Bhai Mohan Singh Vaid Memorial Library

तरनतारन शहर का ऐतिहासिक अड्डा बाज़ार, जो श्री दरबार...

कॉपरनिकस की दास्तान

ब्लैक डैथ हैजे से फैली महामारी थी जिसने यूरोप...

Related Articles

Popular Categories