Monday, July 6, 2026
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Tag: पंडित आनंद मोहन ज़ुत्शी

गुलज़ार देहलवी: उर्दू, इंसानियत और गंगा-जमुनी तहज़ीब के सच्चे पासदार

"उम्र जो बे-ख़ुदी में गुज़री है, बस वही आगही में गुज़री है।" ये सिर्फ़ एक शेर नहीं, बल्कि एक ऐसे...