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Football के मैदान से पंजाब पुलिस के खेल महकमे की कमान तक: Gurmeet Kaur ने रचा नया इतिहास

पंजाब पुलिस के खेल प्रशासन में एक नया अध्याय जुड़ा है। पंजाब पुलिस की अधिकारी Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) ने 3 सितंबर 2026 को जालंधर के PAP हेडक्वार्टर में बने सेंट्रल स्पोर्ट्स ऑफ़िस में स्पोर्ट्स सेक्रेटरी का अतिरिक्त चार्ज संभाल लिया। Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) भारत की तरफ़ से इंटरनेशनल लेवल पर फुटबॉल खेल चुकी हैं। वो पंजाब पुलिस में इस मुक़ाम तक पहुंचने वाली पहली महिला पुलिस अफ़सर बन गई हैं।

Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) की ये नई ज़िम्मेदारी महज़ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं है। ये उस खिलाड़ी की वापसी भी है, जिसने कभी भारतीय जर्सी पहनकर Football (फुटबॉल) के मैदान में अपना नाम बनाया था और आज वही खिलाड़ी पुलिस के खेल महकमे की ज़िम्मेदारी संभाल रही हैं। कभी जिस मैदान पर उन्होंने भारत के लिए खेलने का ख़्वाब देखा और उसे पूरा किया, आज उसी खेल से जुड़े खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और पुलिस के स्पोर्ट्स से जुड़े कामकाज को संभालने की ज़िम्मेदारी उनके कंधों पर है।

Pic Credit: footballerpk

बुटाहरी की बेटी से इंटरनेशनल फुटबॉलर तक: भारतीय जर्सी में अंतरराष्ट्रीय मैदान का सफ़र

लुधियाना ज़िले के बुटाहरी गांव से ताल्लुक रखने वाली Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) ने स्कूल के दिनों से ही Football (फुटबॉल) खेलना शुरू कर दिया था। जानकारी के मुताबिक़, उन्होंने लायलपुर खालसा स्कूल में पढ़ाई के दौरान Football (फुटबॉल) की शुरुआत की। इसके बाद HMV कॉलेज, जालंधर में पढ़ाई करते हुए उन्होंने अपने Football (फुटबॉल) के हुनर को और निखारा। Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) ने नेशनल स्कूल गेम्स, इंटर-यूनिवर्सिटी मुकाबलों और नेशनल लेवल की चैंपियनशिप में हिस्सा लिया। वो पंजाब की टीम की कप्तान भी रहीं और कई बार नेशनल लेवल पर पंजाब की अगुवाई की। Football (फुटबॉल) के मैदान पर हासिल किया गया ये तजुर्बा आगे चलकर उनके पुलिस करियर में भी बहुत काम आया।

Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) के खेल करियर का सबसे अहम दौर वो था, जब उन्होंने भारत की तरफ़ से इंटरनेशनल मुकाबलों में हिस्सा लिया। साल 1997 में वो जर्मनी गई और इसके बाद एशियाई लेवल की महिला फुटबॉल प्रतियोगिताओं में भारत को रिप्रेंज़ेंट किया। उनके इंटरनेशनल सफ़र में एशियन चैंपियनशिप और एशियन गेम्स जैसे बड़े मुकाबले भी शामिल रहे। Football (फुटबॉल) के मैदान पर अपनी पहचान बनाने के बाद Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) ने साल 2001 में स्पोर्ट्स कोटे के ज़रिए पंजाब पुलिस में इंस्पेक्टर के तौर पर अपनी सर्विस शुरू की। इसके बाद उन्होंने पुलिस महकमे में कई अहम ज़िम्मेदारियां संभाली।

Pic Credit: Goal

वो SHO, नारकोटिक्स सेल की इंचार्ज, DSP और ACP क्राइम, लुधियाना जैसे पदों पर काम कर चुकी हैं। साल 2002-03 में वो लुधियाना शहर की पहली महिला SHO बनी। इसके अलावा, साल 2024 में उन्हें लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट में ADCP हेडक्वार्टर की ज़िम्मेदारी भी दी गई। यानी फुटबॉल के मैदान से शुरू हुआ उनका सफ़र आज पंजाब पुलिस में एक अहम ज़िम्मेदारी तक पहुंच चुका है।

SP से 27वीं बटालियन की कमान तक: खेलों में नई सोच की उम्मीद

अगस्त 2026 में Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) को SP के पद पर प्रमोट किया गया और उन्हें 27वीं बटालियन PAP, जालंधर की कमांडेंट बनाया गया। इससे पहले वो कपूरथला में SP PBI के पद पर तैनात थी। अब इस ज़िम्मेदारी के साथ उन्हें पंजाब पुलिस की स्पोर्ट्स सेक्रेटरी का अतिरिक्त चार्ज भी मिला है। यानी उनके पास एक तरफ़ पुलिस महकमे का लंबा तजुर्बा है, तो दूसरी तरफ़ इंटरनेशनल लेवल पर भारत के लिए Football (फुटबॉल) खेलने का अनुभव भी है।

Pic Credit: Social Media

खेल और पुलिस—दोनों मैदानों का ये तजुर्बा अब उनकी नई ज़िम्मेदारी में साथ काम आएगा।

अब Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) के सामने पंजाब पुलिस के खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग, कोचिंग, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर सुविधाओं को और मज़बूत करने की बड़ी ज़िम्मेदारी है। ख़ास तौर पर महिला पुलिस खिलाड़ियों के लिए बेहतर मौके तैयार करना भी उनकी इस ज़िम्मेदारी का अहम हिस्सा हो सकता है। खुद एक इंटरनेशनल खिलाड़ी रह चुकी Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) खिलाड़ियों की ज़रूरतों को सिर्फ़ दफ़्तर और प्रशासन के नज़रिए से नहीं, बल्कि मैदान के अपने तजुर्बे से भी समझ सकती हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक़, पुलिस सर्विस और समाज के लिए किए गए कामों को लेकर गुरमीत कौर को महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड, किरण बेदी अवॉर्ड और रानी झांसी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उनकी कहानी ये बताती है कि खेल सिर्फ़ मेडल या ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं होते। मैदान पर सीखा गया अनुशासन, टीम के साथ काम करने का हुनर, लीडरशिप और जीत के लिए जज़्बा ज़िंदगी के दूसरे हिस्सों में भी काम आता है।

Pic Credit: Wikipedia

बुटाहरी गांव की एक Football (फुटबॉल) खिलाड़ी से लेकर भारतीय टीम के लिए खेलने, फिर पंजाब पुलिस अफ़सर बनने और अब पंजाब पुलिस के खेल प्रशासन की पहली महिला सेक्रेटरी बनने तक Gurmeet Kaur (गुरमीत कौर) का सफ़र अपने आप में ख़ास है। अब नज़र इस बात पर रहेगी कि वो अपने खेल के तजुर्बे का इस्तेमाल पंजाब पुलिस के हज़ारों खिलाड़ियों के लिए किस तरह करती हैं। अगर मैदान का तजुर्बा और प्रशासन की सोच साथ आए, तो ये ज़िम्मेदारी पंजाब पुलिस के खेलों को एक नई दिशा देने का मौक़ा भी बन सकती है।

लेख: सुखमिंदर भंगू

इस लेख को अंग्रेज़ी में पढ़ें

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