Sunday, August 23, 2026
31 C
Delhi

पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह: जो अपने सीने पर सजाते थे 1001 हीरों से जड़ी ब्रेस्टप्लेट

इमेजिन कीजिए… एक ऐसा हार जिसमें 1001 हीरे जड़े हों। और वो हार किसी तिजोरी में नहीं, बल्कि किसी बादशाह के सीने पर सजा हो। ये कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह (Maharaja Bhupinder Singh of Patiala) की असली दास्तान है। 

शानो-शौकत का दूसरा नाम

महाराजा भूपिंदर सिंह ने 1900 से 1938 तक पटियाला पर राज किया। वो उस दौर के सबसे अमीर महाराजाओं में से एक थे। उनकी ख़ासियत? हर चीज़ को भव्य पैमाने पर करना। 

हीरों की बारिश

1928 में उन्होंने Cartier से मशहूर ‘Patiala Necklace’ बनवाया। इसमें लगभग 3000 हीरे जड़े थे, जिनका वजन करीब 1000 कैरेट था। इसकी ख़ासियत थी 234.65 कैरेट का ‘डी बीयर्स’ हीरा। लेकिन ये उनका सबसे अनोखा गहना नहीं था।

वो चीज़ जिसने सबको हैरान कर दिया

सबसे हैरान करने वाली चीज़ थी उनकी हीरों की ब्रेस्टप्लेट(Breastplate of Diamonds)। जी हां, एक ऐसी पट्टी जो सीने पर बांधी जाती है, और उसमें 1001 नीले-सफेद हीरे जड़े थे। 

न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराजा साल में एक बार अपनी प्रजा के सामने सिर्फ यही ब्रेस्टप्लेट पहनकर आते थे।ये फैशन नहीं, बल्कि ताकत का प्रदर्शन था।बिना कुछ बोले वो बता देते थे कि कौन है असली बादशाह।

सिर्फ गहने ही नहीं…

उनके पास 44 रोल्स-रॉयस कारें (Rolls-Royce cars) थीं।वो पहले भारतीय थे जिनके पास अपना निजी विमान था। उन्होंने 10 शादियां कीं और उनकी 350 रखैलें थीं। कुल मिलाकर उनके 88 बच्चे थे। 

‘पटियाला पेग’ और शानदार पार्टियां

उनकी मेज़बानी मशहूर थी। उनके दरबार में दुनिया भर के कलाकार, डॉक्टर और बड़े-बड़े लोग आते थे। उन्हीं के नाम पर ‘Patiala Peg’ (120 ml व्हिस्की) मशहूर हुई।कहा जाता है कि वो अपने मेहमानों के लिए तैराकी के पूल शैम्पेन से भर देते थे। 

क्रिकेट के दीवाने

महाराजा को क्रिकेट से बेहद लगाव था। उन्होंने 1911 में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी की। उन्होंने रणजी ट्रॉफी भी भेंट की। 

आज कहां है वो ख़ज़ाना?

दुर्भाग्य से, महाराजा की मौत के बाद ये अनोखा हार गायब हो गया। 1998 में लंदन की एक पुरानी दुकान से इसकी प्लैटिनम चेन (Platinum chain) मिली, लेकिन उसके बड़े-बड़े हीरे गायब थे।आज Cartier ने Cubic Zirconia (नकली हीरे) लगाकर इसे दोबारा बनाया है, लेकिन वो बात नहीं रही। 


महाराजा भूपिंदर सिंह की दौलत का कोई मुकाबला नहीं था। उनकी हीरों से जड़ी ब्रेस्टप्लेट आज भी अमीरी की सबसे बड़ी मिसाल है। हो सकता है कि कुछ कहानियां बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई हों, लेकिन उनका साम्राज्य और उनकी शानो-शौकत ने भारतीय इतिहास में एक ऐसा अध्याय जोड़ा जो कभी नहीं भुलाया जा सकता। 

ये भी पढ़ें:  जब Famous Italian shoemaker ने बनाए महारानी के लिए हीरे-पन्ना से जड़े जूते,इंदिरा देवी का फैशन आज भी बेनज़ीर

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

साझा Punjab की कहानी: जहां रिश्ते धर्म से नहीं, दिलों से जुड़े हैं

Punjab (पंजाब) गुरुओं, पीरों और फ़कीरों की पाक ज़मीन...

नौवारी साड़ी: योद्धा रानियों का वेश,मॉडर्न मराठी दुल्हन की पहचान

आपने कभी महाराष्ट्रीयन शादी देखी होगी... या गणेश चतुर्थी...

अख़लाक़ अहमद आहन: फ़ारसी और उर्दू अदब की एक ख़ास आवाज़

फ़ारसी और उर्दू अदब की दुनिया में प्रोफ़ेसर अख़लाक़...

Topics

साझा Punjab की कहानी: जहां रिश्ते धर्म से नहीं, दिलों से जुड़े हैं

Punjab (पंजाब) गुरुओं, पीरों और फ़कीरों की पाक ज़मीन...

नौवारी साड़ी: योद्धा रानियों का वेश,मॉडर्न मराठी दुल्हन की पहचान

आपने कभी महाराष्ट्रीयन शादी देखी होगी... या गणेश चतुर्थी...

अख़लाक़ अहमद आहन: फ़ारसी और उर्दू अदब की एक ख़ास आवाज़

फ़ारसी और उर्दू अदब की दुनिया में प्रोफ़ेसर अख़लाक़...

शाहिद अहमद देहलवी: दिल्ली की तहज़ीब और उर्दू अदब के अमीन

उर्दू अदब की दुनिया में शाहिद अहमद देहलवी का...

Related Articles

Popular Categories