Sunday, May 10, 2026
28.1 C
Delhi

जामिया में प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी को सौंपी गई कार्यवाहक कुलसचिव की ज़िम्मेदारी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के वाइस चांसलर ने नेल्सन मंडेला शांति एवं संघर्ष समाधान केंद्र के प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी को यूनिवर्सिटी का कार्यवाहक कुलसचिव (Officiating Registrar) नियुक्त किया है। प्रो. रिजवी ने एम. नसीम हैदर का स्थान लिया है, जो पिछले कुछ महीनों से डिप्टी रजिस्ट्रार-I के पद पर कार्यरत थे।

इस दौरान प्रो. रिजवी ने वाइस चांसलर का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि “इस ज़िम्मेदारी का विश्वास जताने के लिए धन्यवाद करता हूं। अपने काम से खुद को इस पद के लायक साबित करने की कोशिश करूंगा। इसके लिए मुझे सभी शैक्षिक और प्रशासनिक कर्मचारियों के समर्थन की ज़रूरत है।”

प्रो. रिजवी को टीचिंग और रिसर्च फील्ड में 20 साल का अनुभव है। साल 2017, फरवरी में जामिया में शामिल होने से पहले उन्होने Defense Studies and Analyzes (IDSA), New Delhi में एक फैलो के रूप में काम किया।

वह अंतरराष्ट्रीय संबंधों, विदेश नीति और सुरक्षा मुद्दों, ख़ास तौर पर पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका में भारत के रणनीतिक संबंधों के जानकार हैं। उनके रिसर्च का क्षेत्र ईरान में राजनीतिक और आंतरिक विकास, ईरान-चीन के आर्थिक, राजनीतिक, रक्षा संबंधों ,ऊर्जा सुरक्षा और संघर्ष समाधान है।

प्रो. रिजवी ने IDSA और ईरान और जीसीसी देशों के विदेश मंत्रालय की संयुक्त परियोजनाओं पर भी कार्य किया है। हाल ही में भारत के राष्ट्रपति ने उन्हें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कोर्ट सदस्य के रूप में नामित किया हैं। वह मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद के संस्थागत शैक्षणिक अखंडता पैनल के बाहरी सदस्य भी हैं। 

इस ख़बर को आगे पढ़ने के लिए hindi.awazthevoice.in पर जाएं

ये भी पढ़ें: कश्मीर का बर्ड मैन: परवेज़ यूसुफ़ का सफर और पक्षियों पर उनकी अनमोल किताब

आप हमें FacebookInstagramTwitter पर फ़ॉलो कर सकते हैं और हमारा YouTube चैनल भी सबस्क्राइब कर सकते हैं

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot this week

अब्दुल बारी आसी: दर्द को अल्फ़ाज़ और मोहब्बत को आवाज़ देने वाले शायर

“अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को,मैं...

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Topics

देहात से निकली आवाज़ें बनीं किताब, दिल्ली में लॉन्च हुई ‘बड़ी आई पत्रकार’

देश की राजधानी दिल्ली के मंडी हाउस स्थित त्रिवेणी कला संगम में एक खास आयोजन के दौरान ‘बड़ी आई पत्रकार’ किताब का विमोचन किया गया। यह किताब उन महिला पत्रकारों की कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने गांव और छोटे कस्बों से निकलकर पत्रकारिता की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। इ

Mysterious Languages (रहस्यमयी लिपियां): इतिहास की वो आवाज़ें, जो आज भी ख़ामोश हैं

क्या आपको पहेलियां सुलझाना पसंद है? अब ज़रा सोचिए...

Red Chief से RedTape तक: कैसे कानपुर बना भारत का लेदर सिकंदर

एक ज़माने में कानपुर की सड़कों पर अंग्रेजों की...

Related Articles

Popular Categories